शक्तिपीठ मां बगलामरती जयंती।(2022)

शक्तिपीठ मां बगलामरती मन्दिर में मनाई गई बगला जयंती।

 तुंगल क्षेत्र के प्रसिद्ध  शक्तिपीठ माता बगलामुखी के मन्दिर में बगला जगन्ती मनाई गई। इस धार्मिक समारोह में हुक्म चन्द एंड पार्टी साईगल ने पूरी रात मां का गुणगान किया गया। मां के भजनों पर श्रद्धालु जमकर थिरके। रविवार रात 12 बजे मां की पूजा अर्चन की गई तथा उस समय मां के गुर व हरनादों (देवलुओं) को खेल आई। जिसमें बरसाऊलीयों में सैकडों देवी-देवता शामिल हुए। गुर के माध्यम से मां बगलामुखी ने कहा कि देश व प्रदेश स्तर पर बड़ा उलटफेर हो सकता है तथा अनेक प्रकार की घटनाएं सुनने को मिलेगी। हिमाचल देव भूमि है तथा देश भूमि को रक्षा तमाम देवी देवता मिलकर  कर रहे हैं। माँ के गरू अमरजीत शर्मा ने बताया कि हर वर्ष मां बगलामुखी की जयन्ती मनाई जाती है तथा इस धार्मिक समारोह में जिला के विभिन्न क्षेत्रों से लोग शिरकत करते हैं। मां के मन्दिर में हवन-पीठ भी किया गया तथा एक विशाल भन्डारे का भी आयोजन किया गया। जिसमे सैकडो लोगों ने मां का प्रसाद ग्रहण किया। मां बगलामुखी जहां शत्रुओं  (का नाशसे) से रक्षा करती है तो वही यह संतान दायनी भी है। बगलामुखी पूजा का उपयोग शत्रुओं पर शक्ति और प्रभुत्व स्थापित करने के लिए किया जाता है. बगलामुखी पूजा शत्रुओं पर विजय, मुकदमेबाजी, अदालती मुकदमों, झगड़ों और झगड़ों में सफलता के लिए बहुत शक्तिशाली और उपयोगी पूजन है. पीठासीन देवी बगलामुखी शत्रुओं का नाश करने की शक्तिशाली नियंत्रक है जो गुप्त शक्तियों द्वारा शत्रुओं का नाश करती हैं.  बगलामुखी पूजा शत्रुओं पर विजय, मुकदमे में सफलता, झगड़े और प्रतिस्पर्धा के लिए उपयोगी है. देवी की पूजा एक विशेष नक्षत्र और उस क्षण में की जाती है जब मंगल ग्रह से अधिकतम शक्ति उत्पन्न होती है, पीले रंग की पोशाक पहनकर, पीले आसन पर, पीले फूलों और पीले मोतियों के साथ देवी का पूजन होता है। मां हमेशा अपने भक्तों का कल्याण करती है।






🌸ॐ ह्लीं बगलामुखी दैव्ये नमः🌸       

   जय माँ बगलामुखी जी 

बगलामुखी सुरसुन्दरी,  जगदम्बिका कात्यायिनी,  हे सत्यरूपाँ धर्मेरूपा,  अमर सौभाग्यदायिनी,

 हे हेमसुता, शिवप्रिया,  हे भावनी कुक्टेश्वरी,  हे रक्षिणी वरदायनी, वृषवाहना विघ्नेश्वरी,

 बहुविधि ना पूजन कर सकूं,  करुणामई करुणा करे,

 मुझमूढ़ को वातसल्य बस माँ,  नित्यप्रति क्षमा करे

जय माँ बगलामुखी जी 


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